Home धर्म-एवं-ज्योतिष कब है गणगौर व्रत, शुभ मुहूर्त, महत्व एवं पूजा विधि।

कब है गणगौर व्रत, शुभ मुहूर्त, महत्व एवं पूजा विधि।

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साल 2025 में गणगौर व्रत 31 मार्च को है. यह व्रत चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को रखा जाएगा

इस दिन की खास बातें:

  • पंचांग के मुताबिक, 31 मार्च को सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर चैत्र शुक्ल तृतीया तिथि शुरू होगी
  • यह तिथि 1 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 42 मिनट परखत्म होगी
  • उदया तिथि के मुताबिक, इस साल गणगौर का व्रत 31 मार्च को रखा जाएगा 
  • इस दिन गौरी पूजा की जाती है . 

गणगौर व्रत का महत्व

  • गणगौर व्रत का विशेष महत्व विवाहित महिलाओं के लिए है. 
  • धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस व्रत को रखने वाली महिलाओं को भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद मिलता है. 
  • कुंवारी कन्याएं भी इस व्रत को रखती हैं. 
  • मान्यता है कि इससे उन्हें मनचाहा वर मिलता है. 
  • पूजा में सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व है.
  • गणगौर पूजा विधि
  • गणगौर व्रत के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनना चाहिए। इसके बाद, मिट्टी से भगवान शिव और माता गौरी की मूर्तियाँ बनाकर उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाने चाहिए। 
  • इसके पश्चात, विधिपूर्वक भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान माता पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करना चाहिए। 
  • भगवान शिव और माता पार्वती को चंदन, अक्षत, रोली, और कुमकुम लगाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें दूर्वा चढ़ानी चाहिए। 
  • भगवान शिव और माता पार्वती के समक्ष धूप और दीप जलाना चाहिए। उन्हें चूरमे का भोग भी अर्पित करना चाहिए। 
  • एक थाली में चांदी का सिक्का, सुपारी, पान, दूध, दही, गंगाजल, हल्दी, कुमकुम, और दूर्वा डालकर सुहाग जल तैयार करें। 
  • फिर, दूर्वा से इस सुहाग जल को भगवान शिव और माता पार्वती पर छिड़कें, और अंत में इसे घर के सदस्यों पर भी छिड़कें।